Skip to main content

Masoom Mohabbat Ka Bas Itna Sa Fasaana Hai

Masoom Mohabbat Ka Bas Itna Sa Fasaana Hai,
Kaagaz Ki Haveli Hai, Baarish Ka Zamaana Hai,

Kya Shart-E-Mohabbat Hai, Kya Shart-E-Zamaana Hai,
Aawaz Bhi Zakhmi Hai, Aur Geet Bhi Gaana Hai,

Us Paar Utarney Ki Ummeed Bahot Kam Hai,
Kashti Bhi Purani Hai, Toofan Ko Bhi Aana Hai,

Samjhey Yaa Naa Samjhey Wo Andaaz Mohabbat Ka,
Ek Shaqs Ko Aakhon Say, Ek Shair Sunaana Hai,

Bholi Si Adaa, Koi Phir Ishq Ki Zidd Par Hai,
Fir Aag Ka Darya Hai, Aur Doob K Jaana Hai...!!!

Comments

Popular posts from this blog

माँ पर शायरी

माँ पर शायरी मोहब्बत की बात भले ही करता हो जमाना मगर प्यार आज भी "माँ "से शुरू होता है -------------------------------------------- ऐ मेरे मालिक तूने गुल को गुलशन में जगह दी, पानी को दरिया में जगह दी, पंछियो को आसमान मे जगह दी, तू उस शख्स को जन्नत में जगह देना, जिसने मुझे "..नौ.." महीने पेट में जगह दी....!! !!!माँ !!! -------------------------------------------- देखा करो कभी अपनी माँ की आँखों में, ये वो आईना है जिसमें बच्चे कभी बूढ़े नहीं होते! -------------------------------------------- कुछ इसलिये भी रख लिये.. एक बेबस माँ ने नवरात्रों के उपवास..! ताकि नौ दिन तक तो उसके बच्चे भरपेट खा सकें...!! -------------------------------------------- ये कहकर मंदिर से फल की पोटली चुरा ली माँ ने.... तुम्हे खिलाने वाले तो और बहुत आ जायगे गोपाल... मगर मैने ये चोरी का पाप ना किया तो भूख से मर जायेगा मेरा लाल.... -------------------------------------------- कितना भी लिखो इसके लिये कम है। सच है ये कि " माँ " तू है, तो हम है ।। --------------------------...
Funny Shayari - मजाकिया शायरी ​मेरे दोस्त तुम भी लिखा करो शायरी;​ तुम्हारा भी मेरी तरह नाम हो जाएगा;​ जब तुम पर भी पड़ेंगे अंडे और टमाटर;​​ ​तो शाम की सब्जी का इंतज़ाम हो जाएगा। ------------------------------------------ जा कर अब कह दो समुंदर से, मुझे जरुरत नही उन लहरों की... बस एक बीवी ही काफी है, ज़िन्दगी में तूफ़ान लाने के लिए ------------------------------------------ सुबह का अपना मजा हैं शाम का अपना मजा, जूस का अपना मजा हैं जाम का अपना मजा, एक के साथ एक मुफ्त है आजकल हर आईटम, मुफ्त का अपना मजा है दाम का अपना मजा, आशिकी मे उसके भाईयों से कल मैं फिर पिटा दर्द का अपना मजा है बाम का अपना मजा ------------------------------------------ ज़िन्दगी में तूफ़ान लाने के लिए बेपर्दा हम सरेआम हो गए, तेरे ईश्क़ में जालिम बदनाम हो गए | सम्मोहन विद्या तूने ऐसी चलाई, दो पल में हम तेरे गुलाम हो गए | छोड़ दिया खाना जब याद में तेरे, दो हफ्तों में ही चूसे हुए आम हो गए | चुराया था तूने जबसे चैन को मेरे, रात सजा और दिन मेरे हराम...

दीपावली दिवाली शायरी

दमकते रूप की दीपावली जलाई हुई  लहू में डूबी उमंगों की मौत रोक ज़रा  फ़िराक़ गोरखपुरी --------------------------------------------  राहों में जान घर में चराग़ों से शान है दीपावली से आज ज़मीन आसमान है  ओबैद आज़म आज़मी -------------------------------------------- दीपावली मिरी साँसों को गीत और आत्मा को साज़ देती है  ये दीवाली है सब को जीने का अंदाज़ देती है  नज़ीर बनारसी -------------------------------------------- आँख की छत पर टहलते रहे काले साए कोई पलकों में उजाले भरने नहीं आया कितनी दिवाली गयी, कितने दशहरे बीते इन मुंडेरों पे कोई दीप धरने नहीं आया -------------------------------------------- घर की क़िस्मत जगी घर में आए सजन  ऐसे महके बदन जैसे चंदन का बन  आज धरती पे है स्वर्ग का बाँकपन  अप्सराएँ न क्यूँ गाएँ मंगलाचरण  ज़िंदगी से है हैरान यमराज भी  आज हर दीप अँधेरे पे है ख़ंदा-ज़न  उन के क़दमों से फूल और फुल-वारियाँ  आगमन उन का मधुमास का आगमन  उस को सब कुछ मिला जिस को वो मिल गए  वो ...