घड़ी घड़ी Posted by Maneesh at September 17, 2015 घड़ी घड़ी वो भी हिसाब करने बैठ जाते है .... जबकि पता है, जो भी हुआ था , बेहिसाब हुआ था Read more
अल्लामा इकबाल Posted by Maneesh at September 15, 2015 तेरे इश्क़ की इन्तेहा चाहता हूँ मेरी सादगी देख क्या चाहता हूँ.. Read more
काबिल अजमेरी Posted by Maneesh at September 15, 2015 मानोन मानो मगर हक़ीक़त है ये इश्क इंसान की ज़रूरत है Read more
रियाज खैराबादी Posted by Maneesh at September 15, 2015 दिल-जलों से दिल्लगी अच्छी नहीं रोने वालों से हँसी अच्छी नहीं Read more
सुना है,.. Posted by Maneesh at September 15, 2015 सुना है,.. नफरत की दुकान खोल रहे हो थोडी मोहब्बत भी, रख लेना दिखावे के लिये.. Read more
हमने तो एक मुद्दत से Posted by Maneesh at September 14, 2015 हमने तो एक मुद्दत से सोना ही छोड़ दिया बस इसी डर से कि ख़्वाबों में भी अगर बिछड़े तो हकीकत में मर जायेंगे… Read more
नासिर काज्मी Posted by Maneesh at September 14, 2015 ए दोस्त हमने तर्क-ए-मोहब्बत के बावजूद की है महसूस तेरी ज़रूरत कभी कभी. Read more
जिगर मोरादाबादी Posted by Maneesh at September 14, 2015 हम इश्क़ के मारे हुवों का इतना ही फ़साना है रोने को नहीं कोई हँसने को ज़माना है. Read more
राहत इन्दौरी Posted by Maneesh at September 14, 2015 बोतलें खोल कर तो पी ली बरसों आज दिल खोल कर भी पी जाए. Read more
मोमिन खान मोमिन Posted by Maneesh at September 14, 2015 तुम हमारे किसी भी तरह ना हुए वर्ना दुनिया में क्या नहीं होता. Read more
हफीज जालंधरी Posted by Maneesh at September 14, 2015 इरादे बांधता हूँ सोचता हूँ तोड़ देता हूँ कहीं ऐसा न हो जाए कहीं वैसा न हो जाए. Read more
हफीज जालंधरी Posted by Maneesh at September 14, 2015 यारों को भी मिले दर्द की दौलत या रब मेरा अपना ही भला हो मुझे मंज़ूर नहीं. Read more
दाग़ देहलवी Posted by Maneesh at September 12, 2015 हुआ है चार सज्दों पर ये दावा ज़ाहिदो तुम को ख़ुदा ने क्या तुम्हारे हाथों जन्नत बेच डाली है Read more
जाँ निसार अख़्तर Posted by Maneesh at September 12, 2015 अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द को मिटा दें कुछ दर्द कलेजे से लगाने के लिए हैं Read more
दिल की हकीकत Posted by Maneesh at September 12, 2015 जुबाँ दिल की हक़ीक़त को क्या बयाँ करती किसी का हाल किसी से कहा नहीं जाता l Read more
बेख़ुद देहलवी Posted by Maneesh at September 12, 2015 नमक भर कर मेरे ज़ख़्मों में तुम क्या मुस्कुराते हो मेरे ज़ख़्मों को देखो मुस्कुराना इस को कहते हैं Read more
इश्क Posted by Maneesh at August 22, 2015 वो इश्क़ हि क्या जिसमे हिसाब हो... मोहब्बत तो हमेशा बेहिसाब होती है. Read more
वो शख्स Posted by Maneesh at August 22, 2015 बगैर जिसके एक पल भी गुजारा नहीं होता, सितम देखिए वही शख्स हमारा नहीं होता ! Read more
मुकद्दर Posted by Maneesh at August 22, 2015 जिनका मिलना मुकद्दर मे लिखा नही होता उनसे मुहबत कसम से कमाल की होती है ।।। Read more
ख्वाहिशें Posted by Maneesh at August 22, 2015 मैं अब भी बाज़ार से अक्सर खाली हाथ लौट आता हूँ पहले पैसे नहीं थे अब ख्वाहिशें नहीं रहीं Read more