वो ज़ालिम मेरी हर ख्वाहिश Posted by Maneesh at May 10, 2014 वो ज़ालिम मेरी हर ख्वाहिश ये कह कर टाल जाता है; दिसम्बर जनवरी में कौन नैनीताल जाता है; मुनासिब है कि पहले तुम भी आदमखोर बन जाओ; कहीं संसद में खाने कोई चावल दाल जाता है। Read more