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Lamho ne khata ki

Mehroom-e-haqueeqat hai sahil ke tamashai
Ham doob ke samjhe hai dariyaon ki gahrai
Ye jabr bhi dekha hai tareekh ki nazro ne
Lamho ne khata ki thi aur sadiyo ne saza payi

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माँ पर शायरी

माँ पर शायरी मोहब्बत की बात भले ही करता हो जमाना मगर प्यार आज भी "माँ "से शुरू होता है -------------------------------------------- ऐ मेरे मालिक तूने गुल को गुलशन में जगह दी, पानी को दरिया में जगह दी, पंछियो को आसमान मे जगह दी, तू उस शख्स को जन्नत में जगह देना, जिसने मुझे "..नौ.." महीने पेट में जगह दी....!! !!!माँ !!! -------------------------------------------- देखा करो कभी अपनी माँ की आँखों में, ये वो आईना है जिसमें बच्चे कभी बूढ़े नहीं होते! -------------------------------------------- कुछ इसलिये भी रख लिये.. एक बेबस माँ ने नवरात्रों के उपवास..! ताकि नौ दिन तक तो उसके बच्चे भरपेट खा सकें...!! -------------------------------------------- ये कहकर मंदिर से फल की पोटली चुरा ली माँ ने.... तुम्हे खिलाने वाले तो और बहुत आ जायगे गोपाल... मगर मैने ये चोरी का पाप ना किया तो भूख से मर जायेगा मेरा लाल.... -------------------------------------------- कितना भी लिखो इसके लिये कम है। सच है ये कि " माँ " तू है, तो हम है ।। --------------------------...
Funny Shayari - मजाकिया शायरी ​मेरे दोस्त तुम भी लिखा करो शायरी;​ तुम्हारा भी मेरी तरह नाम हो जाएगा;​ जब तुम पर भी पड़ेंगे अंडे और टमाटर;​​ ​तो शाम की सब्जी का इंतज़ाम हो जाएगा। ------------------------------------------ जा कर अब कह दो समुंदर से, मुझे जरुरत नही उन लहरों की... बस एक बीवी ही काफी है, ज़िन्दगी में तूफ़ान लाने के लिए ------------------------------------------ सुबह का अपना मजा हैं शाम का अपना मजा, जूस का अपना मजा हैं जाम का अपना मजा, एक के साथ एक मुफ्त है आजकल हर आईटम, मुफ्त का अपना मजा है दाम का अपना मजा, आशिकी मे उसके भाईयों से कल मैं फिर पिटा दर्द का अपना मजा है बाम का अपना मजा ------------------------------------------ ज़िन्दगी में तूफ़ान लाने के लिए बेपर्दा हम सरेआम हो गए, तेरे ईश्क़ में जालिम बदनाम हो गए | सम्मोहन विद्या तूने ऐसी चलाई, दो पल में हम तेरे गुलाम हो गए | छोड़ दिया खाना जब याद में तेरे, दो हफ्तों में ही चूसे हुए आम हो गए | चुराया था तूने जबसे चैन को मेरे, रात सजा और दिन मेरे हराम...

दीपावली दिवाली शायरी

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